MP Cabinet Update: DA में बढ़ोतरी से कर्मचारियों को राहत, 6940 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट मंजूर; 4500 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा मिलेगी

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मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़े फैसलों को रफ्तार देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में राज्य के बुनियादी ढांचे, सामाजिक योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। सबसे प्रमुख फैसला करीब 6,940 करोड़ रुपए की विभिन्न निर्माण एवं विकास परियोजनाओं को स्वीकृति देने का रहा, जिसके तहत कई विभागों की योजनाओं को आगे बढ़ाने और उनकी निरंतरता बनाए रखने पर मुहर लगी।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए भी राहत भरी खबर सामने आई। मंत्रि-परिषद ने सातवें वेतनमान के तहत कार्यरत शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है, जिससे अब यह 58 प्रतिशत हो गया है। यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी और जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर छह किस्तों में मई से अक्टूबर 2026 के बीच दिया जाएगा। वहीं, इस अवधि में सेवानिवृत्त या दिवंगत कर्मचारियों के मामलों में एरियर का भुगतान एकमुश्त करने का निर्णय लिया गया है। पेंशनर्स और परिवार पेंशनर्स को भी बढ़ी हुई दर से राहत देने पर सहमति जताई गई है।

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए रीवा जिले की महाना माइक्रो सिंचाई परियोजना को भी हरी झंडी दी गई है। करीब 82.39 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना से 4500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित होगी, जिससे जवा और त्योंथर तहसील के 18 गांवों के लगभग 950 किसान परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अन्य पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए तैयार करने हेतु ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना 2026’ को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत हर साल 4000 युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपए और महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपए प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी मिलेगी। राज्य के 10 स्थानों पर 40 प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां नि:शुल्क रहने, भोजन और अध्ययन सामग्री की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी एक अहम निर्णय लेते हुए दिव्यांगजनों से संबंधित संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपए प्रतिमाह करने की स्वीकृति दी गई है। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों में अति कम वजन वाले बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए पूरक आहार की राशि 8 रुपए से बढ़ाकर 12 रुपए प्रतिदिन प्रति हितग्राही कर दी गई है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए भी कई विभागों की योजनाओं को विस्तार दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के तहत मंत्रालय, विधानसभा, विधायक विश्राम गृह और अन्य सरकारी भवनों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए की योजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा ग्रामीण आवास, परिवहन, आईटी, खाद्य वितरण, उपभोक्ता संरक्षण और जनजातीय विकास से जुड़ी योजनाओं को भी अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

कुल मिलाकर, मंत्रि-परिषद की इस बैठक में लिए गए फैसले राज्य में विकास कार्यों को गति देने, कर्मचारियों को राहत पहुंचाने, किसानों और युवाओं को सशक्त बनाने तथा सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।