NEET पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन में शामिल युवाओं और छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई और केंद्र सरकार से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने थाली बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। उनका कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य को प्रभावित किया है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके मंच पर महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरों के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल परीक्षा विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की लड़ाई भी है। दीपके ने घोषणा की कि छात्रों को न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि प्रशासन ने प्रदर्शन के लिए सीमित समय की अनुमति दी है, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

आंदोलन के दौरान मंच पर उन छात्रों के पोस्टर लगाए गए जिन्होंने परीक्षा संबंधी तनाव और विवादों के बीच अपनी जान गंवाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल री-एग्जाम या जांच से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। कई छात्रों ने मंच से अपनी चिंताएं साझा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां युवाओं के आत्मविश्वास को कमजोर कर रही हैं।
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मांग की है कि परीक्षा विवाद और उससे जुड़े मानसिक दबाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्रालय को इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की गई तो भविष्य में भी छात्रों का भरोसा कमजोर होता रहेगा।
दीपके ने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से छात्रों के समर्थन में खुलकर आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश के भविष्य से जुड़ा विषय है और इसे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए। उनका आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे व्यावसायिक हितों की ओर बढ़ रही है, जबकि सरकारी स्कूलों और कॉलेजों को मजबूत बनाने की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और अभिभावकों को गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था मिलना उनका अधिकार है।

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक चर्चित टिप्पणी के बाद हुई थी और कुछ ही समय में यह सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हो गई। पार्टी ने दिल्ली के अलावा पुणे, लखनऊ, जयपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, अमृतसर, नागपुर सहित कई शहरों में प्रदर्शन किए हैं। सोशल मीडिया पर भी इस अभियान को बड़ी संख्या में युवाओं का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। CJP का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक लाभ से अधिक छात्रों के हितों की रक्षा करना और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इसी बीच अभिजीत दीपके ने हाल ही में जयपुर में अपने ऊपर हुए कथित हमले को लेकर भी बयान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे कुछ संगठनों से जुड़े लोगों का हाथ हो सकता है। हालांकि इस मामले में जांच और आधिकारिक कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। दूसरी ओर, CJP ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और वे NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होने तक विभिन्न शहरों में प्रदर्शन करते रहेंगे। छात्रों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाल करने की मांग के साथ यह मुद्दा लगातार राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना हुआ है।