मुंबई के घाटकोपर के चिराग नगर इलाके में बुधवार सुबह लैंडस्लाइड की बड़ी घटना सामने आई। सुबह करीब 3:48 बजे गौसिया चाल में पहाड़ी से मिट्टी और मलबा खिसककर कई घरों पर जा गिरा। हादसे के समय ज्यादातर लोग अपने घरों में सो रहे थे, जिसके कारण कई लोग मलबे की चपेट में आ गए।
हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है और उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
पुलिस के मुताबिक, करीब 3 से 4 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है, हालांकि मलबे के अंदर मौजूद लोगों की सटीक संख्या की अभी पुष्टि नहीं हुई है। राहत और बचाव दल मलबे के अंदर फंसे लोगों का पता लगाने के लिए विशेष विक्टिम-डिटेक्शन कैमरों की मदद ले रहे हैं।
घटनास्थल तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद संकरा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित इलाके तक जाने वाली गलियां करीब 3 से 3.5 फीट चौड़ी हैं। कई जगहों पर रास्ता इतना संकरा है कि एक समय में मुश्किल से एक व्यक्ति ही अंदर जा सकता है। इस वजह से बचाव दल को घटनास्थल तक पहुंचने और राहत कार्य करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
संकरी गलियों के कारण भारी मशीनरी को सीधे घटनास्थल तक ले जाना संभव नहीं हो पा रहा है। मलबा हटाने के लिए पहले व्रेकर की मदद ली जा रही है और इसके बाद मलबे को बाल्टियों में भरकर हाथ से बाहर निकाला जा रहा है। इस वजह से बचाव अभियान की रफ्तार प्रभावित हो रही है और मलबे के अंदर लोगों की तलाश में अधिक समय लग रहा है।
लैंडस्लाइड के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा नीचे मौजूद घरों पर आ गिरा। हादसे में कई दो मंजिला मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। मौके पर राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं। घटनास्थल के आसपास बड़ी संख्या में लोग भी जमा हो गए हैं, जिससे बचाव कार्य के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।
हादसे में घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें 18 वर्षीय सोहेल अंसारी के सिर में चोट लगी है, जबकि 14 वर्षीय मोहम्मद अंसारी की पीठ में चोट बताई गई है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को भी अस्पताल भेजा गया है।
लैंडस्लाइड के बाद राहत और बचाव कार्य में कई टीमें जुटी हुई हैं। मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए विशेष कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि संकरी गलियों की वजह से मशीनों के इस्तेमाल में परेशानी आ रही है। बचाव दल उपलब्ध संसाधनों के जरिए लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
हादसे के बाद प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की बात कही गई है। वहीं, हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की मदद देने की घोषणा की गई है।
फिलहाल घटनास्थल पर रेस्क्यू और इमरजेंसी ऑपरेशन जारी है। प्रशासन की टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश और मलबा हटाने का काम कर रही हैं। हादसे की वजह लगातार हुई बारिश को बताया जा रहा है। पुलिस की ओर से मामले में जरूरी कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच की जा रही है।

