मणिपुर हिंसा: सेनापति में असम राइफल्स कैंप पर भीड़ का हमला, तीन सुरक्षा वाहन जलाए; तलाशी अभियान के बाद बढ़ा तनाव

You are currently viewing मणिपुर हिंसा: सेनापति में असम राइफल्स कैंप पर भीड़ का हमला, तीन सुरक्षा वाहन जलाए; तलाशी अभियान के बाद बढ़ा तनाव

मणिपुर के सेनापति जिले में मंगलवार रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर हमला कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने कैंप पर पथराव किया, परिसर में तोड़फोड़ की और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों में आग लगा दी। अधिकारियों के अनुसार यह घटना उस तलाशी अभियान के कुछ घंटे बाद हुई, जिसे विश्वसनीय खुफिया सूचना मिलने पर इलाके में चलाया गया था। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि माकुइलोंगदी क्षेत्र में कुछ हथियारबंद उग्रवादियों की गतिविधियां देखी गई हैं। इसी सूचना के आधार पर असम राइफल्स ने गश्त और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

जांच एजेंसियों के अनुसार खुफिया रिपोर्ट और विभिन्न इनपुट से संकेत मिले थे कि कुछ उग्रवादी निर्धारित शिविरों से बाहर हथियार और वर्दी के साथ घूम रहे थे, जिसे संघर्षविराम (सीजफायर) नियमों का उल्लंघन माना गया। इस संबंध में संबंधित निगरानी तंत्र को भी औपचारिक जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। तलाशी अभियान के दौरान जब सुरक्षा बल माकुइलोंगदी और ओकलोंग गांव की ओर बढ़े तो स्थानीय ग्रामीणों, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, ने आगे बढ़ने का विरोध किया। इसके चलते इलाके में तनाव बढ़ गया और हालात संवेदनशील बने रहे।

अधिकारियों के मुताबिक देर शाम सूचना मिली कि सेनापति शहर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो रहे हैं और असम राइफल्स के कैंप की ओर बढ़ रहे हैं। एहतियात के तौर पर अभियान में शामिल जवानों को वापस बुला लिया गया, लेकिन इसके बावजूद रात करीब साढ़े नौ बजे भीड़ कैंप तक पहुंच गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया, कैंप की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सुरक्षा बलों के तीन वाहनों में आग लगा दी। घटना के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने संयम बरतते हुए आवश्यक कदम उठाए।

हालात बिगड़ने पर असम राइफल्स ने मणिपुर पुलिस के साथ समन्वय बनाकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में सेनापति पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की अतिरिक्त टीमें मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद स्थिति पर धीरे-धीरे नियंत्रण स्थापित किया गया। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हिंसा की परिस्थितियों, आगजनी तथा तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार घटना का संबंध तलाशी अभियान के बाद उत्पन्न तनाव से माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।