रैगिंग के आरोप में 4 सीनियर डॉक्टर सस्पेंड: जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में कार्रवाई, FIR दर्ज

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सूरत के न्यू सिविल हॉस्पिटल में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर हर्ष पंड्या की मौत के मामले में रैगिंग के आरोपों के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सेकंड ईयर के चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है।

चारों आरोपी डॉक्टरों को हॉस्टल खाली करने का आदेश भी दिया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से सोमवार को चारों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वाड और कॉलेज काउंसिल ने मामले की जांच की। करीब आठ घंटे तक चली जांच में शिक्षकों और अन्य स्टाफ से पूछताछ की गई। जांच के दौरान कुछ जूनियर डॉक्टरों को परेशान किए जाने की बात सामने आई।

जांच में सामने आया कि आरोपी सीनियर डॉक्टरों पर जूनियर डॉक्टरों के साथ रैगिंग करने और उन्हें परेशान करने के आरोप हैं। कुछ पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें कमरों में बंद कर कई घंटों तक परेशान किया जाता था। उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।

मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि इससे पहले शिक्षकों के सामने रैगिंग को लेकर शिकायत की गई थी। अब इस बात की भी जांच की जा रही है कि शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

हर्ष पंड्या माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट में फर्स्ट ईयर के रेजिडेंट डॉक्टर थे। रविवार रात वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए। इसके बाद उनके परिवार ने रैगिंग को उनकी मौत से जोड़ते हुए आरोप लगाए थे।

रविवार सुबह हॉस्टल के रूम नंबर 1004 का दरवाजा अंदर से बंद मिला था। हर्ष से संपर्क नहीं होने पर उनके साथी डॉक्टर कमरे के बाहर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने के बाद सिक्योरिटी स्टाफ को बुलाया गया।

सिक्योरिटी स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खोला, जिसके बाद हर्ष को गंभीर हालत में पाया गया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे।

परिवार की ओर से रैगिंग का आरोप लगाए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और तीन अलग-अलग टीमों ने जांच शुरू की। जांच के दौरान रेजिडेंट डॉक्टरों, शिक्षकों और स्टाफ से जानकारी जुटाई गई।

जांच के निष्कर्षों के बाद चार सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को छह महीने के लिए सस्पेंड किया गया है। साथ ही उन्हें हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया गया है। मामले में FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा HOD और तीन फैकल्टी सदस्यों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।